नंदा देवी राष्ट्रीय उद्यान में जैव विविधता अध्ययन हेतु ‘नंदा देवी पारिस्थितिकी तंत्र अभियान-2026’ शुरू

चमोली, 8 जून। विश्व धरोहर के रूप में मान्यता प्राप्त नंदा देवी राष्ट्रीय उद्यान के कोर क्षेत्र में जैव विविधता, पारिस्थितिकी तंत्र तथा पर्यावरणीय परिवर्तनों के वैज्ञानिक अध्ययन के लिए ‘नंदा देवी जैव विविधता एवं पारिस्थितिकी तंत्र अभियान-2026’ का शुभारंभ किया गया है। अभियान का उद्देश्य क्षेत्र की वनस्पतियों, वन्यजीवों और प्राकृतिक संसाधनों की वर्तमान स्थिति का आकलन करना तथा जलवायु परिवर्तन के प्रभावों का वैज्ञानिक विश्लेषण करना है।

अभियान में वन विभाग, भारतीय वन्यजीव संस्थान, गोविंद बल्लभ पंत राष्ट्रीय हिमालयी पर्यावरण संस्थान, आईटीबीपी, एसडीआरएफ सहित विभिन्न संस्थानों के विशेषज्ञ भाग ले रहे हैं। 30 सदस्यीय कोर टीम के साथ पोर्टरों सहित कुल 85 सदस्य इस महत्वपूर्ण अभियान में शामिल हैं।

वन मंत्री सुबोध उनियाल ने अभियान दल को हरी झंडी दिखाकर रवाना किया। इस अवसर पर उन्होंने कहा कि उत्तराखंड की समृद्ध जैव विविधता, हिमालयी पारिस्थितिकी और प्राकृतिक संसाधनों का संरक्षण राज्य सरकार की सर्वोच्च प्राथमिकताओं में शामिल है। उन्होंने कहा कि नंदा देवी क्षेत्र विश्व की महत्वपूर्ण पारिस्थितिक धरोहरों में से एक है और यहां किए जाने वाले वैज्ञानिक अध्ययन पर्यावरण संरक्षण की रणनीतियों को मजबूत बनाने के साथ-साथ जलवायु परिवर्तन के प्रभावों को समझने में भी महत्वपूर्ण भूमिका निभाएंगे।

उल्लेखनीय है कि नंदा देवी राष्ट्रीय उद्यान के कोर क्षेत्र में प्रत्येक दस वर्ष के अंतराल पर इस प्रकार का वैज्ञानिक अभियान संचालित किया जाता है। इसके तहत विशेषज्ञ दल जैव विविधता, वन्यजीवों, वनस्पतियों और पारिस्थितिक तंत्र से संबंधित आंकड़े एकत्र कर दीर्घकालिक पर्यावरणीय परिवर्तनों का आकलन करते हैं।

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