अमित मालवीय का आरोप – भारतीय नागरिकता से पहले दो बार मतदाता बनीं सोनिया गांधी
वोट चोरी को लेकर राजनीतिक घमासान तेज हो गया है। कांग्रेस जहां सवाल उठा रही है, वहीं भाजपा पलटवार करते हुए विपक्ष को कठघरे में खड़ा कर रही है। भाजपा नेता अमित मालवीय ने बुधवार को दावा किया कि सोनिया गांधी भारतीय नागरिक बनने से पहले ही भारत की मतदाता बन चुकी थीं।
सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर मालवीय ने लिखा कि सोनिया गांधी का भारत की मतदाता सूची से जुड़ाव चुनावी कानूनों के गंभीर उल्लंघनों से भरा है। उन्होंने कहा, “1980 में पहली बार सोनिया गांधी का नाम नई दिल्ली संसदीय क्षेत्र की मतदाता सूची में शामिल हुआ, जबकि वह उस समय भारत की नहीं, बल्कि इटली की नागरिक थीं।” मालवीय के अनुसार, 1 जनवरी 1980 को संशोधित सूची में उनका नाम मतदान केंद्र 145 में क्रमांक 388 पर जोड़ा गया, जो कानून का उल्लंघन था क्योंकि मतदाता बनने के लिए भारतीय नागरिकता आवश्यक है।
उन्होंने आगे बताया कि 1982 में विरोध के चलते उनका नाम हटा दिया गया, लेकिन 1983 में दोबारा जोड़ा गया। इस बार नाम मतदान केंद्र 140 में क्रमांक 236 पर दर्ज हुआ, जबकि उनकी भारतीय नागरिकता 30 अप्रैल 1983 को मिली। मालवीय ने आरोप लगाया कि नागरिकता की शर्त पूरी किए बिना सोनिया गांधी का नाम दो बार मतदाता सूची में जोड़ा गया — पहले 1980 में और फिर 1983 में।


