गेहूं खरीद में बड़ी राहत: फार्मर रजिस्ट्रेशन की अनिवार्यता खत्म, एमएसपी पर सीधे बिक्री

लखनऊ: उत्तर प्रदेश की उत्तर प्रदेश सरकार ने गेहूं खरीद प्रक्रिया को सरल बनाते हुए किसानों को बड़ी राहत दी है। अब सरकारी क्रय केंद्रों पर गेहूं बेचने के लिए फार्मर रजिस्ट्रेशन अनिवार्य नहीं रहेगा। इस फैसले से प्रदेश के लाखों किसानों को सीधा लाभ मिलने की उम्मीद है, खासकर उन किसानों को जो पंजीकरण की प्रक्रिया में तकनीकी या अन्य कारणों से पिछड़ जाते थे।

सरकार ने इस वर्ष गेहूं का न्यूनतम समर्थन मूल्य बढ़ाकर 2585 रुपये प्रति कुंतल कर दिया है, जो पिछले वर्ष की तुलना में 160 रुपये अधिक है। इस बढ़ोतरी से किसानों की आय में सुधार होने की उम्मीद जताई जा रही है।

बाराबंकी जिले में इस बार गेहूं की रिकॉर्ड पैदावार हुई है, जिसके चलते 84 क्रय केंद्रों पर तेजी से खरीद जारी है। प्रशासन ने यह सुनिश्चित करने के निर्देश दिए हैं कि किसानों को किसी प्रकार की असुविधा न हो और उनकी उपज का भुगतान 48 घंटे के भीतर कर दिया जाए।

जिला खाद्य विपणन अधिकारी राजीव कुलश्रेष्ठ ने बताया कि क्रय केंद्रों पर सभी आवश्यक व्यवस्थाएं की गई हैं, ताकि किसानों को सहज और पारदर्शी तरीके से अपनी फसल बेचने का अवसर मिल सके। वहीं, किसानों ने भी इस फैसले का स्वागत करते हुए कहा कि इससे उन्हें बड़ी राहत मिली है और अब वे बिना किसी अतिरिक्त प्रक्रिया के सीधे अपनी उपज बेच सकेंगे।

सरकार के इस कदम से किसानों में उत्साह बढ़ा है और खरीद प्रक्रिया में तेजी आने की उम्मीद है।

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *