अमेरिका का लक्ष्य – भारत के साथ द्विपक्षीय व्यापार को 500 अरब डॉलर तक ले जाना
भारत में नए अमेरिकी राजदूत बनने वाले सर्जियो गोर ने अपनी प्राथमिकताएं बताते हुए कहा कि दक्षिण एशिया की स्थिरता विश्व के लिए आवश्यक है और इसमें भारत की अहम भूमिका है।
भारत में तैनात होने वाले अगले अमेरिकी राजदूत सर्जियो गोर ने कहा है कि उनकी प्राथमिकता भारत-अमेरिका संबंधों को नई ऊँचाइयों तक ले जाना होगी। उन्होंने स्पष्ट किया कि दक्षिण एशिया में स्थायित्व विश्व के लिए बेहद जरूरी है और इसमें भारत की भूमिका निर्णायक है। गोर ने कहा कि वे रक्षा सहयोग को बढ़ाने पर विशेष जोर देंगे, जिसके तहत दोनों देशों के बीच संयुक्त सैन्य अभ्यास, रक्षा प्रणालियों के संयुक्त विकास और उत्पादन में सहयोग को प्रोत्साहित किया जाएगा।
गोर ने यह भी उल्लेख किया कि राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप द्वारा तय किए गए लक्ष्य के अनुरूप वे 2030 तक भारत-अमेरिका के वार्षिक द्विपक्षीय व्यापार को 500 अरब डॉलर तक पहुँचाने के प्रयास करेंगे।
इस बीच, अमेरिकी विदेश मंत्री मार्को रुबियो ने गोर के नामांकन को महत्वपूर्ण बताते हुए कहा कि यह नियुक्ति अमेरिका और भारत के बीच बढ़ते रिश्तों की गहराई को दर्शाती है। रुबियो ने कहा कि 21वीं सदी का भविष्य हिंद-प्रशांत क्षेत्र में लिखा जाएगा और भारत इसमें केंद्र बिंदु होगा। उन्होंने बताया कि इस क्षेत्र में अमेरिकी सैन्य कमान का नाम बदलना भी उसी रणनीति का हिस्सा है।
विदेश मंत्री ने आगे कहा कि भारत और अमेरिका वर्तमान में असाधारण बदलाव के दौर से गुजर रहे हैं और कई अहम मुद्दों पर मिलकर काम करना आवश्यक है। उनके अनुसार, ऐसे प्रतिनिधि का होना, जिसे प्रशासन और ओवल ऑफिस दोनों में प्रत्यक्ष पहुंच प्राप्त हो, अमेरिका के लिए विशेष महत्व रखता है।
फोटो – भारत में नए अमेरिकी राजदूत सर्जियो गोर (फाइल फोटो)


