जल संरक्षण में डिंडौरी ने रचा इतिहास, ‘जलसंचय जनभागीदारी अभियान’ में देशभर में पहला स्थान
मध्यप्रदेश के आदिवासी बाहुल्य डिंडौरी जिले ने जल संरक्षण के क्षेत्र में उल्लेखनीय उपलब्धि हासिल करते हुए ‘जलसंचय जनभागीदारी अभियान’ में देशभर में पहला स्थान प्राप्त किया है। जल शक्ति मंत्रालय द्वारा जारी रैंकिंग में शीर्ष स्थान मिलने के बाद जिले में जल संरक्षण कार्यों को और गति मिली है।
कलेक्टर अंजू पवन भदौरिया के नेतृत्व में “खेत का पानी खेत में, गांव का पानी गांव में” थीम पर व्यापक अभियान चलाया गया। इसके तहत जनभागीदारी के माध्यम से करीब ढाई लाख पुरानी जल संरचनाओं का पुनर्जीवन किया गया है।
जिले के बजाग विकासखंड अंतर्गत Singpur Village का छह एकड़ का तालाब अब पूरी तरह पानी से लबालब भर चुका है, जो इस अभियान की सफलता का उदाहरण बन गया है। इसके अलावा, सोख्ता गड्ढों और रिचार्ज संरचनाओं का निर्माण भी तेजी से किया जा रहा है, जिससे भूजल स्तर में सुधार हो रहा है।
इस पहल से न केवल जल संकट से निपटने में मदद मिली है, बल्कि ग्रामीणों में जल संरक्षण के प्रति जागरूकता भी बढ़ी है। स्थानीय जनप्रतिनिधियों और ग्रामीणों ने इस अभियान में सक्रिय भागीदारी निभाई है।
डिंडौरी का यह मॉडल अब देशभर के अन्य जिलों के लिए प्रेरणास्रोत बन रहा है और जल प्रबंधन के क्षेत्र में एक सफल उदाहरण के रूप में उभर रहा है।


