झाबुआ – 681 ग्रामों में स्थापित हो रहे हैं आदि सेवा केंद्र
भारत सरकार के जनजातीय कार्य मंत्रालय की महत्वाकांक्षी योजना “आदि कर्मयोगी अभियान” के तहत झाबुआ जिले में आदि सेवा पर्व (17 सितम्बर से 2 अक्टूबर 2025) का आयोजन किया जा रहा है। इस अभियान का उद्देश्य जनजातीय क्षेत्रों में सुशासन, सामुदायिक भागीदारी और समावेशी विकास को सशक्त बनाना है। कलेक्टर नेहा मीना के निर्देशन और जिला पंचायत के मुख्य कार्यपालन अधिकारी जितेन्द्र सिंह चौहान के मार्गदर्शन में अभियान को तीव्र गति से आगे बढ़ाया जा रहा है। श्री चौहान को जिला स्तरीय नोडल अधिकारी नियुक्त किया गया है।
अभियान के अंतर्गत जिले के 681 ग्रामों में “आदि सेवा केंद्रों” की स्थापना की जा रही है। ये केंद्र ग्रामीणों को विभिन्न जनकल्याणकारी योजनाओं से जोड़ने और सेवाएं उपलब्ध कराने का प्रमुख माध्यम होंगे। कलेक्टर द्वारा साप्ताहिक समीक्षा बैठकों के माध्यम से प्रगति पर निरंतर नजर रखी जा रही है ताकि प्रत्येक ग्राम में योजना का प्रभावी क्रियान्वयन सुनिश्चित हो सके।

जिले के छह विकासखंडों में क्लस्टर स्तर पर मैदानी कर्मचारियों एवं फ्रंटलाइन वर्कर्स को मास्टर ट्रेनर्स द्वारा प्रशिक्षित किया गया है। ब्लॉक स्तर पर “ब्लॉक रिस्पॉन्सिव गवर्नेंस ग्रुप” का गठन हुआ है, जिसमें मुख्य कार्यपालन अधिकारी जनपद नोडल अधिकारी और विकासखंड शिक्षा अधिकारी सहायक नोडल अधिकारी होंगे। इसी प्रकार ग्राम स्तर पर “पंचायत रिस्पॉन्सिव गवर्नेंस ग्रुप” का गठन कर पंचायत सचिव को नोडल अधिकारी और ग्राम रोजगार सहायक को सहायक नोडल अधिकारी नामित किया गया है। ग्राम के सभी शासकीय कर्मचारियों को सदस्य के रूप में शामिल किया गया है।
आदि सेवा पर्व के दौरान जनजागरूकता अभियान, दीवार लेखन, नारा लेखन, ग्राम भ्रमण और जन संवाद जैसी गतिविधियाँ आयोजित की जा रही हैं। अभियान के तहत चार चरणों में बैठकें प्रस्तावित हैं। पहली बैठक में ग्राम नक्शा तैयार हो चुका है, जबकि दूसरी बैठक 20 सितम्बर से शुरू होकर विकास लक्ष्यों के निर्धारण पर केंद्रित है। तैयार विलेज एक्शन प्लान को 2 अक्टूबर 2025 की ग्रामसभा में अनुमोदन हेतु प्रस्तुत किया जाएगा।
सहायक आयुक्त, जनजातीय कार्य विभाग सुप्रिया बिसेन ने छह विकासखंडों में विभागीय प्राचार्यों, व्याख्याताओं और अधीक्षकों को फील्ड निरीक्षण की जिम्मेदारी सौंपी है। इसके साथ ही ब्लॉक एवं जिला स्तर पर कंट्रोल रूम स्थापित किए गए हैं, जो निरीक्षणकर्ताओं से लगातार फीडबैक प्राप्त कर रहे हैं।


