लाल किले से पीएम मोदी का राष्ट्र के नाम संबोधन: 2047 तक ‘विकसित भारत’ का संकल्प, ‘सप्त शक्ति’ का किया आह्वान
नई दिल्ली: देश के 80वें स्वाधीनता दिवस के पावन अवसर पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने ऐतिहासिक लाल किले की प्राचीर से लगातार 13वीं बार राष्ट्रीय ध्वज फहराया और राष्ट्र को संबोधित किया। अपने संबोधन में प्रधानमंत्री ने देशवासियों को स्वतंत्रता दिवस की शुभकामनाएं देते हुए कहा कि आज हर दिल ‘वंदे मातरम’ के गायन से गूंज रहा है और देश 140 करोड़ नागरिकों के सामर्थ्य के दम पर वर्ष 2047 तक ‘विकसित भारत’ बनाने के संकल्प के साथ आगे बढ़ रहा है।
प्रधानमंत्री ने पिछले 12 वर्षों की उपलब्धियों का उल्लेख करते हुए बताया कि देश में 25 करोड़ लोग गरीबी से बाहर निकले हैं। उन्होंने इलेक्ट्रॉनिक विनिर्माण, रेलवे के शत-प्रतिशत विद्युतीकरण, तीन सेमीकंडक्टर संयंत्रों की शुरुआत और हाइड्रोजन ट्रेन के संचालन को नए भारत की ताकत बताया। साथ ही, तेल व गैस खोज के लिए ‘समुद्र मंथन’ परियोजना हेतु 85 हजार करोड़ रुपये के आवंटन की भी बात कही।
पीएम मोदी ने भारत को नई ऊंचाइयों पर ले जाने के लिए ‘सप्त धारा’ (सात शक्तियां) का दृष्टिकोण प्रस्तुत किया:
- डिजाइन एवं विनिर्माण: पूरी वैल्यू चेन को स्वदेशी बनाना।
- कृषि एवं खाद्य प्रसंस्करण: रसायन मुक्त प्राकृतिक खेती और वैश्विक निर्यात।
- प्रौद्योगिकी और नवाचार: मेड इन इंडिया 6G और एआई (AI) में वैश्विक नेतृत्व।
- पीएम गतिशक्ति: तेज और निर्बाध राष्ट्रीय कनेक्टिविटी।
- रक्षा चक्र: रक्षा विनिर्माण और मजबूत वैश्विक आपूर्ति श्रृंखला।
- हरित एवं समुद्री अर्थव्यवस्था: नवीकरणीय ऊर्जा और ब्लू इकोनॉमी पर जोर।
- सॉफ्ट पावर: स्वास्थ्य, फिल्म, वीएफएक्स, गेमिंग और पर्यटन का विस्तार।
प्रधानमंत्री ने युवाओं के लिए मध्यम वर्ग के छात्रों हेतु मुफ्त ऑनलाइन कोचिंग, 2036 ओलंपिक की मेजबानी की तैयारी और प्रतिभा खोज अभियान (टैलेंट हंट) की घोषणा की। इसके अलावा, उन्होंने 6 करोड़ महिलाओं को ‘लखपति दीदी’ बनाने का नया लक्ष्य रखा और 100 सप्ताह के ‘नशा मुक्त भारत’ अभियान से जुड़ने का आह्वान किया।



