आईएनएस चिल्का में बैच 01/26 की पासिंग आउट परेड संपन्न, 3,011 प्रशिक्षु नौसैनिक सेवा के लिए तैयार
ओडिशा स्थित आईएनएस चिल्का में बैच 01/26 की पासिंग आउट परेड गर्व और उत्साह के साथ आयोजित की गई। 16 सप्ताह के कठोर प्रारंभिक प्रशिक्षण को सफलतापूर्वक पूरा करने के बाद कुल 3,011 प्रशिक्षु औपचारिक रूप से नौसैनिक सेवा के लिए तैयार हुए।
इस बैच में भारतीय नौसेना के 2,746 अग्निवीर शामिल थे, जिनमें 116 महिला अग्निवीर भी थीं। इसके अलावा भारतीय तटरक्षक बल के 265 नाविकों ने भी प्रशिक्षण पूर्ण किया।
परेड की समीक्षा पश्चिमी नौसेना कमान के फ्लैग ऑफिसर कमांडिंग-इन-चीफ वाइस एडमिरल संजय वात्स्यायन ने मुख्य अतिथि के रूप में की। आईएनएस चिल्का के स्टेशन कमांडर कमोडोर बी. दीपक अनील परेड के संचालन अधिकारी रहे। समारोह में वरिष्ठ सैन्य अधिकारी, पूर्व सैनिक, विशिष्ट अतिथि तथा प्रशिक्षुओं के परिजन भी उपस्थित रहे।
अपने संबोधन में वाइस एडमिरल संजय वात्स्यायन ने प्रशिक्षुओं को सफलतापूर्वक प्रशिक्षण पूरा करने पर बधाई दी और उन्हें भारतीय नौसेना के मूल्यों—कर्तव्य, सम्मान और साहस—को जीवन में आत्मसात करते हुए समर्पण, ईमानदारी और पेशेवर उत्कृष्टता के साथ राष्ट्रसेवा करने का आह्वान किया।
प्रशिक्षण के दौरान उत्कृष्ट प्रदर्शन करने वाले प्रशिक्षुओं को पदक, ट्रॉफियां और पुरस्कार प्रदान किए गए। चीफ ऑफ द नेवल स्टाफ रोलिंग ट्रॉफी और स्वर्ण पदक से सर्वश्रेष्ठ प्रशिक्षु (एसएसआर) के रूप में कोरनाना धनलक्ष्मी तथा सर्वश्रेष्ठ प्रशिक्षु (एमआर) के रूप में रुधिकेश मरुति पवार को सम्मानित किया गया। वहीं, समग्र मेरिट में सर्वश्रेष्ठ महिला प्रशिक्षु का रोलिंग ट्रॉफी पुरस्कार प्राप्ति रमेश चव्हाण को मिला, जबकि देवाशीष को सर्वश्रेष्ठ नाविक (जीडी) घोषित किया गया।
पासिंग आउट परेड से पूर्व आयोजित वैलेडिक्टरी समारोह में एंड-ऑफ-टर्म रिपोर्ट प्रस्तुत की गई तथा प्रशिक्षुओं ने रंगारंग सांस्कृतिक कार्यक्रम भी पेश किए। समग्र चैम्पियनशिप ट्रॉफी खरवेला डिवीजन को प्रदान की गई, जबकि आंग्रे डिवीजन उपविजेता रहा।
इस अवसर पर आईएनएस चिल्का की द्विभाषी प्रशिक्षु पत्रिका ‘अंकुर (01/26)’ का भी विमोचन किया गया, जिसमें प्रशिक्षुओं के अनुभवों, उपलब्धियों और प्रशिक्षण के दौरान उनकी परिवर्तनकारी यात्रा को संजोया गया है।


